चाहत

ना जाने तुमसे मेरी कैसी चाहत है,
कि तुम्हारे ख्यालो से भी दिल को एक राहत है,
तुम दूर हो बहुत ये मुझे है पता,
पर बेखबर दिल को तुम्हारे पास होने की आहट है,
भरी दुपहरी में भी होता है ठंडक का एहसास,
बेसक ये तुम्हारे मोहब्बत की ही इनायत है,
तुम दूर होके भी हो दिल के इतने पास,
शायद इसीलिए दिल को तुमसे नही कोई शिकायत है।

.............................................ललित कुमार पटेल १२/०३/०९

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